डॉ. अजय कुमार
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कोविड नोडल अधिकारी डा. अजय कुमार बुधवार को कोरोना को मात देकर ड्यूटी पर लौट आए हैं। अब वह इस दौरान मिले अनुभवों के मुताबिक कोरोना मरीजों को सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना से घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें। इससे ही बचाव होगा।
डा. अजय ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार उन्होंने दवा का सेवन किया। तीन बार भांप लिया। काढ़ा पिया। हाई प्रोटीन डाइट में पनीर और अंडा लेकर योग-व्यायाम किया। 10 दिन होम आइसोलेशन में रहने के बाद एक सप्ताह होम क्वारंटीन रहना पड़ा। इस दौरान घर में मास्क के साथ सामाजिक दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि इस दौरान इंसान अकेला और मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है। उसे मानसिक रूप से खुद को मजबूत रखकर नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर न हावी होने देना चाहिए।
खुद को व्यस्त रखने के लिए प्रेरक किताबें पढ़ें। मेरी भतीजी ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले लोगों पर लिखी किताब भेजी। जिसे आइसोलेशन के दौरान पढ़ा। इस दौरान पिता भी संक्रमित हुए। कोविड नियमों का पालन कर उनकी भी देखभाल की। होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन का लेबल देखते रहें। 95 के नीचे न हो, 90 के नीचे जाता है तो अस्पताल में भर्ती हो जाएं। अन्य संक्रमित लोगों से बात करने पर ये महसूस किया कि टीके के दो डोज लेने से कोरोना का असर अन्य की अपेक्षा कम रहा। इसलिए टीका जरूर लगवाएं।