एड्स के प्रति जन सामान्य को जागरूक करने के लिए जिला मुख्यालय के महर्षि दयानंद बालिका इंटर कॉलेज से रैली निकाली गई। रैली में कॉलेज की छात्राएं हाथों में एड्स से बचाव के नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रही थीं। रैली का शुभारंभ एड्स नियंत्रण के नोडल अधिकारी और जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एलएस मिश्र ने हरी झंडी दिखा कर किया।
एड्स के प्रति जागरूकता के लिए निकली रैली संकटमोचन, जिला चिकित्सालय होते हुए जिला क्षय रोग केंद्र पहुंच कर समाप्त हुई। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एलएस मिश्र ने कहा कि जिले भर में निकली रैलियों का उद्देश्य जनमानस में यह जागरूकता पैदा करना है कि एचआईवी एड्स छुआछूत से फैलने वाली बीमारी नहीं है।
इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को परिवार एवं समाज के सहयोग की आवश्यकता है। इनका किसी भी प्रकार से तिरस्कार नहीं किया जाना चाहिए। कहा कि संयमित जीवनचर्या, सुरक्षित रक्तदान एवं नई डिस्पोजल सिरिंजों के प्रयोग से इस बीमारी से निश्चित रूप से बचा जा सकता है। निकहत उल्लाह ने बताया कि एचआईवी एड्स की जांच के लिए सीएचसी विन्ध्याचल, राजगढ़, चुनार, कछवा, लालगंज एवं अहरौरा तथा जिला चिकित्सालय में सुविधा उपलब्ध है।
जिले में 28 से 30 नवंबर तक मेगा स्वास्थ्य कैंप लगाया गया जिसके तहत 22 सौ गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। छात्राओं और उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे कम से कम पांच घरों के लोगों को एचआईवी की जानकारी देंगे। रैली में रितेश रावत, अखिलेश कुमार पांडेय, शशिशेखर आदि शामिल रहे। लालगंज, राजगढ़ में भी निकली रैलीः सीएचसी लालगंज में विश्व एड्स दिवस पर रैली निकाली गई। रैली में आशा कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया।
इस दौरान आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने एचआईवी एड्स से बचाव एवं सावधानियों पर जानकारी दी। डा. कुमार राज ने कहा कि एचआईवी एड्स छुआछूत से फैलने वाली बीमारी नहीं है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को परिवार एवं समाज के सहयोग की आवश्यकता है। शमीम अहमद ने कहा कि एड्स पीड़ित को छूने, उसके कपड़े पहनने और बात करने पर नहीं घेरती है। गोष्ठी में डा. आशुतोष दुबे, डा. योगेन्द्र बहादुर, मनीष , अजय आदि रहे। राजगढ़ संवाददाता के अनुसार विश्व एड्स दिवस पर क्षेत्र में रैली निकाली गई व गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में डा. संतलाल, डा. अर्चना सिंह, डा.शिखा, अजीत आदि रहे।