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बाजार में छाई रही मंदी

Thu, 10 Nov 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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रामबाग स्थित पेट्रोल पंप पर तेल लेने के लिए लगी ग्राहकों की भीड़।
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सरकार द्वारा बड़े नोटों को वापस  लेने की घोषणा करते ही बाजार में मंदी छा गई। रोजाना की अपेक्षा 70 से 75  फीसदी तक खरीद बिक्री में गिरावट आ गई। केवल पेट्रोल पंपों पर भीड़ दिखी  लेकिन वहां भी  फुटकर की  किचकिच दिन   भर होती रही। रेलवे स्टेशन पर भी टिकट  की खरीद पूरे पैसे से  हुई। किसानों के खाद बीज नहीं खरीद पाने की स्थिति में तैयार खेत पड़े रहे। 
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   मंगलवार की रात से ही बड़े नोट जी का जंजाल बने हुए हैं। हर कोई इसे अपने पास से हटाने के लिए परेशान हैं। रात में ही बाजीराव कटरा स्थित बैंक आफ बड़ौदा के डिपॉजिट मशीन में पैसा रखने के लिए लोगों की लाइन लग गई। सुबह अखबारों में डिटेल जानकारी मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और फुटकर की तलाश में जुट गए।

पेट्रोल पंपों पर बुधवार को दिन भर भीड़ लगी रही। लोग हजार या पांच सौ के नोट दे कर सौ पचास रुपये का पेट्रोल डीजल खरीदना चाहते थे। यहां वापस करने के लिए फुटकर की समस्या आड़े आ रही थी।    पेट्रोल पंप मालिक लोगों से कह रहे थे कि चाहे जितने का पेट्रोल डीजल लीजिये हम हजार पांच सौ के नोट भी लेंगे लेकिन शेष पैसे के  लिए हस्तलिखित पर्ची दे रहे हैं शेष पैसा दो चार दिन बाद आ कर ले जाएं। यह बात अलग थी कि कोई जल्दी इसके लिए तैयार नहीं हो रहा था। जिन दूकानों पर रोजाना दूकानदारों को दम भरने की फुर्सत नहीं मिलती थी वह भी बुधवार को हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
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   सिविल लाइंस स्थित मिठाई की दूकान हो या वासलीगंज में दिन भर गुलजार रहने वाला जनरल स्टोर हर जगह सियापा छाया हुआ था। बहुत जरूरी  सामान के लिए ही लोग दूकानों पर पहुंच रहे थे लेकिन फुटकर की समस्या बरकरार रही। रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने पहुंचे लोगों  को भी निराशा हाथ लगी रही। हजार रुपये का नोट देने पर पूरी कीमत का टिकट निकाल  के दिया जा रहा था भले ही यात्री को आधे रास्ते तक ही जाना क्यों न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में बीज खाद लेने  के लिए पहुंचे किसानों को निराशा हाथ लगी।    बैंकों द्वारा इन नोटों को वापस लेने की पूरी गारंटी दिए जाने के बावजूद किसानों से खाद बीज वाले दूकानदार हजार पांच सौ रुपये के नोट नहीं ले रहे थे। इससे तैयार खेतों में बीज नहीं डाला जा सका। इससे किसान हलाकान रहे।
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