जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियाें के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि गेहूं खरीद में प्रगति लाकर लक्ष्य पूर्ति की जाए। किसानाें को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए किसानाें को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि को खरीफ की बुवाई के लिए रणनीति तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसानाें की सुविधा के लिए जनपद की सभी सरकारी व गैर सरकारी दूकानाें पर बीज, खाद, उर्वरक आदि समय से उपलब्ध कराएं। एआर कोआपरेटिव ने बताया कि पीसीएफ द्वारा सहकारिता केंद्र पर क्रय के लिए धनराशि उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन वर्तमान में 11 क्रय केंद्रों पर धनराशि उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण दिक्कत आ रही है।
उन्होंने आरएम पीसीएफ को केंद्राें पर तत्काल धनराशि मुहैया कराने को कहा। साथ ही खरीद एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी केंद्राें पर धनराशि के साथ ही बोरा, कांटा व वेटिंग मशीन आदि उपलब्ध होना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र पर किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपनिदेशक कृषि ने बताया कि जनपद में 16 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 8892 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो अभी तक के लिए पर्याप्त है। उर्वरक बिक्री के लिए सहकारिता की 99 दुकानें, एग्रो की दो तथा 700 प्राइवेट दुकानें हैं, जहां से खाद निर्धारित दर पर लिया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए उर्वरक की दूकानाें का निरीक्षण किया जाए। वर्ष 2014-15 तथा वर्ष 2015-16 के लिए लोहिया गांवों में कराए जा रहे विकास कार्यों एवं कामधेनु योजना की भी समीक्षा की। परियोजना निदेशक राजीव वनकटा, उपायुक्त आजीविका मिशन सुशील तिवारी अादि मौजूद रहे।