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जलजीवन मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज

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जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित कार्यों की प्रगति धीमी होने पर जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कार्यदायी संस्थाओं के जिले में तैनात अधिकारियों के खिलाफ उनके स्टेट हेड को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश भी दिया है। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को अगले महीने में परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है।
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जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों बैठक कर जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, नमामि गंगे तथा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना के कार्यों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान प्रगति धीमी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही अधिकारियों को कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ जिले में तैनात अधिकारियों के खिलाफ उनके स्टेट हेड को पत्र लिखने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को कार्यस्थलों पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य की गति तेज करने की हिदायत भी दी। बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे अमरेंद्र कुमार वर्मा ने जल जीवन मिशन, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत छह कार्यदायी संस्थाओं से जुड़ी नौ परियोजनाओं में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इनटेक वेल, डब्ल्यूटीपी, सीडब्ल्यूआर, ओएचटी, रॉ वाटर, राइजिंग मेन, क्लीयर वाटर राइजिंग मेन एवं डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क आदि कार्यों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान सभी कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कनेक्शन की प्रगति कम मिली। एक माह में धौहा, कठौरा के अलावा सभी परियोजनाओं में प्रगति असंतोषजनक मिली। एक माह में केवल पांच गांव ही संतृप्त किये जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे को निर्देशित किया कि खराब प्रगति वाले सभी कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित संस्था के स्टेट हेड को पत्र लिखें। समीक्षा के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि अधिकांश परियोजनाओं के पूरा कराने का लक्ष्य दिसंबर 2022 तक निर्धारित है। इसकी तुलना में प्रगति काफी धीमी है। जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को अगले माह में प्रगति में सुधार नहीं लाने वाले कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया।
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