तीन वचनों पर आधारित होगी पार्टी
दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ के तीन प्रमुख वचन बताए। पहला, देश की नीतियों के केंद्र में जनता होगी और नीतियां लोगों की भागीदारी से तय की जाएंगी। दूसरा, फैसले किसी की पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार लिए जाएंगे। तीसरा, हर काम के लिए जनता के प्रति जवाबदेही तय होगी और उसके आधार पर सुधार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें सरकार जनता की जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुरूप काम करे। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा के साथ उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा भी स्पष्ट की है।