तारकेश्वर मंदिर में भोलेनाथ को जल चढ़ाती महिलाएं।
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मिर्जापुर। सावन के दूसरे सोमवार को विभिन्न शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। गंगाजल व दूध से भक्तों ने जलाभिषेक किया। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग में कई स्थानों पर जप-तप व भजन कीर्तन चलता रहा। नगर के रैदानी कॉलोनी स्थित तारकेश्वर मंदिर व बरियाघाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर सहित बूढ़ेनाथ मंदिर आदि में किसी भी श्रद्धालु को बगैर मास्क के प्रवेश नहीं दिया गया। जिगना, बाबा बदेवरानाथ धाम में जलाभिषेक व दर्शन जारी रहा । इसी तरह भक्तों ने हरगढ़ स्थित विमलेश्वर महादेव मंदिर, विजयपुर स्थित झोरिया महादेव, चडेरूचौकठा स्थित तालेश्वरनाथ महादेव, चेहरा स्थित परशुराम पुरी, नदिनी स्थित बूढे़नाथ, गौरा स्थित नगरीनाथ मंदिर में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। ज्यादातर शिवभक्त चेहरा, काशीसरपती, हरगढ़, गोगांव मिश्रपुर, दुगौली, गौरा, भिलगौर, चड़ैचा, नीबी आदि गंगाघाट पर स्नान कर गंगाजल लेकर सावन मास के प्रत्येक सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।
हलिया के कोटार नाथ शिव मंदिर पर शिवभक्तों का तांता लगा रहा। सूर्योदय के समय से ही शुरू हुई बरसात के बीच भक्तों ने भीगते हुए अदवा नदी के मध्य में बने शिव मंदिर तथा पार्वती मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। मान्यता के अनुसार भगवान भोलेनाथ के दर्शन से लोगों के समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अधिकांश भक्तों ने रुद्राभिषेक कराया। मंदिर पुजारी जयराम गिरी व शिव राम गिरी ने बताया कि श्रावण का दूसरे सोमवार को भीड़ काफी बढ़ गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आए श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजन कराया जा रहा है।