मिर्जापुर। सावन के पहले सोमवार को विभिन्न शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। नगर के बरियाघाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर, रैदानी कालोनी स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर के अलावा बूढ़ेनाथ मंदिर में सुबह से दर्शन और पूजन का सिलसिला चलता रहा। ताड़केश्वर मंदिर में सुरक्षा के दृष्टि से महंत शिवमंगल गिरी की ओर से महज पांच लोगों को ही एक साथ प्रवेश दिया जा रहा था। इसी तरह बरियाघाट स्थित श्री पंचमुखी महादेव मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया था। किसी भी श्रद्धालु को बगैर मास्क के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। दर्शन-पूजन व जलाभिषेक का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। जिगना, बदेवरा चौबे स्थित बाबा बदेवरा नाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इसी तरह भक्तों की भीड़ नदिनी स्थित बूढ़ेनाथ, चेहरा स्थित परसुरामपुरी, हरगढ़ स्थित बिमलेश्वर महादेव, गौरा स्थित नगरीनाथ तथा चरेरुचौखठा स्थित तालेश्वरनाथ शंकर मंदिर पर रही। चुनार, सावन के पहले सोमवार को खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में शिवभक्त मंदिरों में पहुंचे। नगर के गगेश्वर महादेव, टेकौर रुद्रेश्वर बूढ़ेनाथ महादेव मंदिर सहित सद्दूपुर, रामघाट, शिवालाघाट, बावनजी घाट पर गिनेचुने ही शिवभक्त पहुंचे। हलिया, बारिश के बीच क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालु उमड़े रहे।
विकास खंड में माता शीतला गड़बड़ा धाम में सावन के पहले सोमवार को भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। कोरोना वायरस के चलते पूजा पाठ के बाद भी मंदिर के कपाट नहीं खोल गए। दूरदराज से आए श्रद्धालु सीढ़ी पर ही शीश नवाकर माता को याद किया। इसी तरह कोटार नाथ धाम में शिव तथा माता पार्वती के दर्शन पूजन के लिए हजारों भक्त उमड़ पड़े। दर्शन व पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजन कराया गया।
खराब मौसम के बावजूद सावन के पहले सोमवार को डेरवा स्थित दुलारो माता तथा विजयपुर स्थित बड़ी माता शीतला धाम श्रद्धालु उमड़े रहे। भींगते पानी के बीच दूर-दराज से आई महिलाओ ने कड़ाही चढ़ाकर हलवा व पूड़ी तैयार कर माता को भोग लगाते माता के दर्शन और पूजन किए।