विंध्याचल। कोरोना कर्फ्यू में शनिवार को मां विंध्यवासिनी दरबार भी बंद रहा। बावजूद इसके सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माता दरबार पहुंच गए। दर्शन न मिलने से पहुंचे भक्त मंदिर सीढ़ी पर ही माला-फूल व प्रसाद चढ़ाते हुए श्रद्धा के शीश नवाकर अपनी-अपनी घरों की ओर लौट गए। दूर-दराज से आए श्रद्धालु माता के दर्शन न मिलने से मायूस दिखे। वे मंदिर प्रशासन को कोस रहे थे। महीने भर के लॉकडाउन के दौरान विंध्याचल मंदिर भी बंद चल रहा था। लॉक डाउन खत्म होने से मंदिर को खोला गया था। इसके बाद काफी संख्या में भक्त मां के दरबार दर्शन व पूजन के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। अब भी प्रदेश सरकार शनिवार और रविवार को दो दिन बंदी की है। इसके बाद भी काफी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी मंदिर दर्शन व पूजन के लिए पहुंचना शुरु हो गए आस्थाधाम आने का सिलसिला सुबह से ही शुरु रहा। परिवार समेत भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर हाथों में नारियल, चुनरी, माला-फूल और प्रसाद लिए मंदिर की ओर प्रस्थान कर गए।
विंध्य कॉरिडोर के चलते टूट रहे मकानों के चलते ज्यादातर भक्त दीवानघाट, न्यू वीआईपी व पुरानी वीआईपी मार्ग के जरिए मंदिर तक पहुंचे। मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। काफी मान मनौवल बाद कुछ भक्त मंदिर सीढ़ी तक पहुंचकर माला-फूल व प्रसाद चढ़ाकर सिर नवाते हुए माता का दर्शन किया। ज्यादातर भक्तों का कहना है कि जब मंदिर में मास्क, सेनेटाइजर व सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो रहा तो फिर बंदी का कोई औचित्य नहीं।