- मुख्य मार्ग से लेकर गंगाघाट और विंध्यधाम की गलियों में देवी भक्तों की लगी रहीं लंबी कतारें
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
विंध्याचल। प्रयागराज में महाकुंभ के पलट प्रवाह ने विंध्य नगरी को जकड़ लिया है। गुप्त नवरात्र की दूसरे दिन शुक्रवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। माता की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु घंटों लंबी कतार में बारी की प्रतीक्षा करते रहे। किसी ने झांकी तो किसी ने गर्भगृह में पहुंचकर मां विंध्यवासिनी के श्री चरणों में शीश नवाकर घर, परिवार के कुशलता की कामना की। मंगला आरती के बाद भोर से मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन का सिलसिला चलता रहा। विंध्याचल की सड़कों, गलियों और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अफसरों को मैदान में उतरना पड़ा। बैरीकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन कराने में जुटा रहा। अष्टभुजा पहाड़, काली खोह मंदिर, शास्त्री सेतु, बंगाली चौराहा, बरतर तिराहा, स्टेट बैंक चौराहा सहित विंध्य की गलियां और गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन दूर-दराज से आए श्रद्धालु और साधक माता की साधना में विधिवत पूजन अनुष्ठान में लग रहे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद बड़ी संख्या में भक्तों ने अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान माता अष्टभुजी देवी और महाकाली के भव्य स्वरूप का दर्शन किया। विंध्याचल में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री विंध्य पंडा समाज और पुलिस प्रशासन जिला प्रशासन के आला अधिकारी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे।
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भीड़ बढ़ने पर एसपी ने खुद संभाली कमान
भीड़ के दबाव की जानकारी मिलते ही खुद पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा मय दलबल के साथ गलियों में उतर पड़े। कतारबद्ध दर्शनार्थियों को सुगम तथा सुरक्षित दर्शन कराने के उद्देश्य से स्वयं कमान संभाली। उन्होंने सबसे पहले कतार के मध्य पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया। चार पंक्तियों से गर्भगृह की तरफ जा रहे श्रद्धालुओं को रोक कर उन्हे बारी- बारी से आगे बढ़ाया। एसपी कतारबद्ध श्रद्धालुओं से आवागमन की जानकारी भी लेते दिखे। बातचीत के दौरान एसपी ने बताया भीड़ को देखते हुए कई स्थान पर यात्रियों को रोकने का भी प्रबंध किया गया।