मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मंदिर खुलने की हुई घोषणा के बाद मंगलवार की भोर मां विंध्यवासिनी दरबार में मंगलवारी करने वाले भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। दर्जनों की संख्या में भक्त माता की एक झलक पाने के लिए मंदिर क्षेत्र में पहुंच गए। जब मंदिर का पट बंद मिला तो सीढ़ियों पर मत्था टेक वापस लौट गए।
श्रद्धालु गंगा स्नान व ध्यान कर विभिन्न गलियों के रास्ते हाथों में माला, फूल व प्रसाद लिए सीधे मंदिर की ओर चल पड़े। मंगला आरती के दौरान बजते घंटा व शंख की उठती ध्वनि के बीच माता के जयकारे लगाते भक्त जब मंदिर के पास पहुंचे तो पहले से मुस्तैद सुरक्षाबलों और लगाई गई बैरिकेडिंग न खुला देख वे संशय में पड़ गए। बताते चले कि मंदिर को खोलने को लेकर सोमवार को प्रशासनिक भवन में श्री विंध्य पंडा समाज और प्रशासन के बीच आयोजित बैठक की बात सामने आने के बाद भक्त निश्चिंत होकर विंध्याचल पहुंचे। आए श्रद्धालुओं में अधिकांशत: मंगलवारी करने वाले भक्त शामिल रहे। पहले तो भक्तों ने झांकी से ही माता के दर्शन के लिए मौजूद पंडा समाज व सुरक्षा बलों से आरजू व मिन्नत किया। सुरक्षाबलों ने बताया कि अभी मंदिर खोलने और दर्शन और पूजन की अनुमति नही मिली है तो वे मायूस हो गए। भक्त माता के प्रसाद के साथ सीढ़ियों पर नतमस्तक होकर पूजा-पाठ व याचना करते हुए अपने घरों के लिए वापस लौट पड़े।