विंध्याचल। चैत्र पूर्णिमा तिथि पर बृहस्पतिवार को आस्थाधाम विंध्याचल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जगत जननी मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर लोगों ने सुख समृद्धि की कामना कीभोर में मंगला आरती के पश्चात शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भीड़ बढ़ती गई। मध्याह्न आरती के बाद भीड़ कम होने पर सुरक्षाकर्मियों ने राहत की सांस ली। विंध्य काॅरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रशासन की ओर से परिक्रमा पथ सहित मंदिर परिसर में जगह-जगह बैरिकेडिंग किए जाने से श्रद्धालु लघु त्रिकोण परिक्रमा नहीं कर पाए।
महाकाली, राधा कृष्ण, मां दुर्गा, भैरव, पंचमुखी महादेव, मां सरस्वती देवी, हनुमान जी सहित कई अन्य देवी-देवताओं के मंदिर लघु त्रिकोण परिक्रमा के अंतर्गत आते हैं। श्रद्धालु मां विंध्यवासनी के दर्शन-पूजन के उपरांत लघु त्रिकोण परिक्रमा करते हैं लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से बैरिकेडिंग कराने के कारण पूर्णिमा तिथि पर श्रद्धालु लघु त्रिकोण परिक्रमा नहीं कर पाए।
माता के दर्शन के पश्चात बड़ी संख्या में भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा पथ पर स्थित महाकाली एवं मां अष्टभुजी देवी के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। विंध्याचल धाम के अलावा कालीखोह व अष्टभुजा मंदिर मार्ग पर सजी दुकानों पर महिलाओं और बच्चों की भीड़ रही।
उधर, चैत्र पूर्णिमा पर आम श्रद्धालुओं के साथ ही अमेरिका, थाईलैंड व रूस आदि दि देशों से आए विदेशी सैलानियों ने माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। मंदिर में चल रहे दर्शन-पूजन के कार्य को सैलानियों ने अपने-अपने कैमरों में कैद किया। विंध्य कॉरिडोर में चल रहे कार्य उनके आकर्षण का केंद्र रहे।