मां विंध्यवासिनी के मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कतार में खड़े भक्त।
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मिर्जापुर के विन्ध्याचल शहर में वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर बुधवार को विंध्यवासिनी मंदिर परिसर की गंगाजल से धुलाई की गई। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर श्रद्धालुओं ने मिट्टी और पीतल के मटके में पक्का घाट से गंगा जल लाकर मंदिर की धुलाई की। इसके बाद माता का विशेष शृंगार, पूजन व आरती की गई। तत्पश्चात मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे मंदिर की धुलाई अनवरत चलती रही। इसमें विंध्याचल नगरवासियों सहित श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों और तीर्थ पुरोहितों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। विंध्याचल के पक्काघाट पहुंचे भक्त घड़े में गंगा जल भरकर कंधे पर रखकर मंदिर पहुंचे। जहां श्रद्धाभाव से मंदिर की धुलाई की। क्या छोटा, क्या बड़ा, सभी भक्तिभाव से धुलाई कार्य में जुटे रहे। नंगे पांव व भीगे बदन चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना श्रद्धालु गंगा से जल लाने व धुलाई में लगे रहे। धुलाई के बाद मां विंध्यवासिनी मंदिर सहित सभी देवी-देवताओं का शृंगार व पूजन तथा भव्य आरती की गई। इसके बाद मंदिरों के कपाट खोल दिए गए।