विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए मंगलवार को दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सुबह साढ़े चार बजे मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर जारी रहा। गंगा घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ रही।
गंगा में स्नान के बाद श्रद्धालु विभिन्न गलियों के रास्ते माता के जयकारे के साथ मंदिर पहुंच रहे थे। मंगला आरती से पहले ही काफी संख्या में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। घंटा, शंख और नगाड़े के बीच मां विंध्यवासिनी के भव्य शृंगार तथा आरती के बाद मंदिर का कपाट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। किसी ने गर्भगृह तो किसी ने झांकी से ही माता के दर्शन किए। माता के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत रहे। जैपुरिया गली, न्यू वीआईपी, पुरानी वीआईपी मार्ग के अलावा सदर कोतवाली मार्ग से श्रद्धालु मंदिर की ओर पहुंच रहे थे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी और देवताओं के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद कालीखोह और अष्टभुजा धाम पहुंचकर माता काली और अष्टभुजा देवी के दर्शन किए। भीड़ को देखते हुए गंगा घाट तथा मंदिर परिसर एवं आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।