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Mirzapur News: 98 करोड़ खर्च कर कराए जाएंगे नगर में विकास कार्य

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मिर्जापुर। लालडिग्गी स्थित कार्यालय में बृहस्पतिवार को नगर पालिका बोर्ड की पहली बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से नगर में विकास कार्य कराने के लिए 98 करोड़ 71 लाख 10 हजार रुपये 000 रुपये के बजट को मंजूरी दी गई।
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नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केसरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिशासी अधिकारी ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही अनुमानित 98 करोड़ 71 लाख 10 हजार रुपये की विकास योजनाओं का बजट पेश किया। इसे पालिका के समस्त सभासदों ने सर्वसम्मति से पारित किया। बैठक में पालिका की आय बढ़ाने के लिए सभी अनुभागों लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इसी तरह से सभी अनुभागों के वार्षिक आय की समीक्षा भी की गई। अध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट से सड़क व नाली निर्माण के अलावा पार्कों, चौराहों, नगर पालिका के अधिष्ठान समेत जनता से सरोकार रखने अन्य कार्यों पर ज्यादा धनराशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर पालिका की कमान संभालने के बाद बजट की पहली बैठक हुई है। बैठक में पेश बजट को सभी सभासदों ने सर्व सम्मति से मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुमानित बजट से नगर के विकास को गति दी जाएगी। नगर में जहां भी सड़कें और गलियां क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। नगर के चौराहों के सुंदरीकरण के साथ ही रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता से सरोकार रखने वाले कार्य भी प्राथमिकता से कराए जाएंगे।

उधर, नगर पालिका परिषद की बैठक पहली बार बंद कमरे में हुई। अपना काम कराने पहुंचे कई लोग कक्ष बंद देखकर लौट गए। वहां कुछ लोग खड़े थे जो लोगों को अंदर प्रवेश करने से मना कर रहे थे। दरवाजा भी बंद रखा गया। नागरिकों का कहना था कि यह कौन सी बैठक है जो बंद कमरे में हो रही है। बैठक में महिला सभासदों के साथ उनके पति भी मौजूद रहे। इसे भी गलत परंपरा की शुरूआत बताई गई। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने कहा कि कक्ष थोड़ा छोटा था। इसलिए प्रवेश को सीमित किया गया था। बाद में सब कुछ सामान्य हो गया।
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उधर, नगर पालिका बोर्ड की बृहस्पतिवार को हुई बजट बैठक में कुछ महिला सभासदों के पति पहुंच गए। इसके चलते बैठने के लिए जगह की कमी पड़ गई। इस पर बैठक में शामिल होने पहुंचे कुछ लोगों ने हंगामा किया। बताया जा रहा है कि बंद कमरे में हुई बैठक कुछ महिला सभासदों के पति पहुंचकर बैठ गए। इससे अन्य सभासदों के बैठने के लिए जगह की कमी हो गई। इसका अन्य सभासदों ने विरोध किया। इसी बीच कुछ लोग आगे की सीट पर बैठ गए और फोटो खींचने लगे। इस पर उनसे कहा गया कि वे दूसरे कक्ष में जाकर बैठें। इस बात को लेकर हंगामा हो गया। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने बताया कि हंगामे की कोई वजह नहीं थी। कक्ष थोड़ा छोटा था। इसलिए बैठने को लेकर कुछ विवाद जरूर हुआ। अगली बार से इसका ध्यान रखा जाएगा कि बैठने के लिए जगह की कमी न रहे। संवाद
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