जिलाधिकरी प्रवीण कुमार लक्षकार व पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार की सुबह जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैरक, भोजनालय आदि की व्यवस्था परखी। वहीं कैदियों के झोले, बैग व अन्य सामानों की सघन तलाशी ली गई। हालांकि कुछ भी संदिग्ध सामान नहीं मिला। दोनों अफसरों ने बंदियों से उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान डिप्टी जेलर के निर्धारित ड्रेस में न होने पर फटकार लगाई।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के बिना किसी सूचना के अचानक जेल पहुंचने पर अफरा तफरी मच गई। बैरकों के सामने कैदी घूमते हुए नजर आए। इस पर जेलर अरुण कुमार मिश्र को बुलाकर जिलाधिकारी ने कड़ा निर्देश दिया। कहा कि अनुशासन को बनाये रखा जाय। डीएम-एसपी द्वारा बैरकों में कई कैदियों के झोले व बैग को खंगाला, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं पायी गयी। डिप्टी जेलर सुभाष कुमार के जींस का शर्ट व पैंट पहनकर अभिलेखों का निरीक्षण कराने के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जानकारी करने पर बताया गया कि यह डिप्टी जेलर हैं। इस पर जिलाधिकारी ने बिना वर्दी/ड्रेस कोड के रहने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि दुबारा बिना वर्दी के पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जेल में तैनात पीएसी के जवान सुनील कुमार यादव, हरिकेस पाल, जेल के स्टाफ प्रेम प्रकाश दूबे आदि से जिलाधिकारी ने बात कर जेल में मिलने वाली सुविधाओं व व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि पीएसी के 12 जवान तथा अन्य स्टाफ को मिलाकर कुल 66 कर्मचारियों की तैनाती है। इसमें 16 कर्मचारी अवकाश पर हैं। बताया कि सुबह छह बजे से कैदियों के स्नान व अन्य दैनिक कार्य के लिये बैरक खोल दिया जाता है। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक बैरक बंद रहता है। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर प्रभात राय, शहर कोतवाल अरुण कुमार दुबे और कटरा कोतवाल स्वामीनाथ प्रसाद आदि रहे।