मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल में कोविड एल टू में तोड़फोड़ के बाद खड़े पुलिसकर्मी।
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कोरोना संक्रमण की बेकाबू रफ्तार के साथ ही मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस महामारी में अपनों को खोने वाले बदहवास हैं। कहीं ऑक्सीजन सिलिंडर न मिलने से जानें जा रही हैं तो कई अस्पताल की अव्यवस्था से। इसी तरह का मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले का भी है। यहां मंडलीय अस्पताल परिसर के 150 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल में बने कोविड के एल-टू अस्पताल में भर्ती वृद्ध की सोमवार की दोपहर मौत होने पर परिजनों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।अस्पताल के दरवाजों के शीशे तोड़ दिये। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस पहुंची और परिजनों को समझाया। सीओ सिटी, सीएमओ, एसआईसी, एडीएम व अन्य अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने वार्ता के बाद कोविड अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया।
लालगंज थाना क्षेत्र के नदौली-करौदी गांव निवासी 71 वर्षीय वृद्ध की रिपोर्ट पाजिटिव आने पर एक मई को एल-टू अस्पताल में भर्ती किया गया। 50 बेड का एल-टू अस्पताल ट्रामा सेंटर में है। इसमें वेंटिलेटर की सुविधा है, जो डाक्टर के अभाव में मरीजों को नहीं मिल पा रही है। इसके सामने 150 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल में 25 बेड और लगाए गए हैं, जहां मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। 71 वर्षीय वृद्ध यहीं भर्ती थे। दोपहर में उनकी हालत खराब हुई। इसके बाद उनकी मौत हो गई।