मिर्जापुर ही नहीं चंदौली तक खेतों को सींचकर हरियाली लाने वाला अहरौरा जलाशय इन दिनों सूख गया है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। हजारों एकड़ धान की खड़ी फसल सिंचाई के अभाव में सूख गई।
जिला प्रशासन ने इसको संज्ञान में नहीं लिया। समस्याएं दूर कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार की सुबह अहरौरा जलाशय पर किसान महापंचायत का आयोजन किया।
निर्णय लिया गया कि मंगलवार को पूर्वान्ह 11 बजे आयुक्त से वार्ता की जाएगी। किसानों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई मड़िहान से कांग्रेस विधायक ललितेशपति त्रिपाठी और चुनार से सपा विधायक जगतंबा सिंह पटेल करेंगे।
किसानों का आरोप है कि सोन लिफ्ट का पानी डोंगिया और अहरौरा जलाशय को नहीं दिया गया, जिसके चलते मेन कैनाल के 42 गांव तथा गरई प्रणाली के 165 गांवों की खड़ी खरीफ की फसल सूख गई।
लगभग साढ़े 14 हजार एकड़ फसलों का नुकसान हुआ है। यह मामला मात्र दो नहरों का है। बता दें कि अहरौरा जलाशय से चंदौली तक सिंचित क्षेत्र है, जहां की सिंचाई का दारोमदार अहरौरा जलाशय पर है।
धान का कटोरा कहे जाने वाले इस इलाके की फसल सिंचाई के अभाव में सूख गई। सोमवार को अहरौरा जलाशय पर हुई किसान महापंचायत में मड़िहान विधायक ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होगी, उनकी फसलों की मूल लागत को दर्शाते हुए मुआवजा नहीं मिलता तब तक किसानों के साथ संघर्ष वह करेंगे।
सपा विधायक जगतंबा सिंह पटेल ने कहा कि किसानों की मांग हितकर है, मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता कर समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाएगा तथा किसानों के हित की लड़ाई लड़ी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने कहा कि किसानों को मूर्ख बनाना अब आसान नहीं है। किसान महापंचायत में किसानों ने जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने, कृषि देयों की वसूली बंद कराने, कृषकों का कर्ज माफ करने, सांयकालीन विद्युत कटौती बंद कर 16 घंटों बिजली मुहैया कराने, अहरौरा व डोंगिया जलाशय की गहराई बढ़ाने सहित 12 सूत्री मांगपत्र सिंचाई विभाग के एसीओ को सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, राजेंद्र सिंह, पंकज उपाध्याय, छविनाथ सिंह, नाहर सिंह, उदयनाथ आदि रहे।