रामबाग स्थित अपना दल कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर बाइक जुलूस को रवाना करतीं राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल।
फिलहाल अपना दल अपने बूते पर ही विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है लेकिन समान विचार की पार्टियों से समझौते से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह बाद पार्टी की नेता कृष्णा पटेल ने बाइक जुलूस के बाद सोमवार को रामबाग स्थित जिला कार्यालय पर पत्रकारों से कहीं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से समझौते की ओर इशारा भी किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों की अनदेखी की है। आज तक राष्ट्रीय कृषि आयोग का गठन नहीं किया। भाजपा से गठनबंधन किसी व्यक्ति ने नहीं बल्कि पार्टी ने किया था। दो वर्ष बीतने के बाद भी राष्ट्रीय कृषि आयोग का गठन नहीं हो सका है तो हमने राह अगल कर ली। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ने की योजना में है।
आरक्षण के मुद्दे पर जो पार्टी साथ देगी उसके साथ गठबंधन हो सकता है। उन्होंने नीतीश कुमार की पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना जताई। पल्लवी पटेल को मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में चुनाव में सामने करने की बात पर कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा तय करेगा।
उन्होेंने कहा कि पार्टी के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल ने पिछड़ों को एकजुट करने और उनके हित में जीवन भर काम किया। आरक्षण के लिए भी लड़ाई लड़ते रहे।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा कि बाइक जुलूस का उद्देश्य आरक्षण बचाना है। छत्रपति शाहूजी महाराज ने 1902 में पिछड़ों और दलितों को अपने समाज में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था। पर सरकारों ने पिछड़ों के साथ धोखा किया है। मेडिकल कालेज और विश्वविद्यालय का नाम छत्रपति शाहूजी महराज के नाम पर करने पर कतरा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से विभिन्न विभागों में आरक्षण का कोटा लागू करने पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
छत्रपति शाहूजी महाराज की 143 वीं जयंती सप्ताह के तहत बनारस से निकली अपना दल की बाइक रैली सोमवार को जिले में पहुंची। वरिष्ठ नेता कृष्णा पटेल ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखा कर जिले से रवाना किया। पार्टी ने रैली के माध्यम से जिले में अपनी ताकत का एहसास कराया और विधानसभा चुनाव अभियान का भी आगाज किया।