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Mirzapur News: अस्पताल गेट पर हुआ प्रसव, स्टाफ नर्स व ईएमटी की सेवा समाप्त

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मिर्जापुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंदी (नया) के गेट पर हुए प्रसव से संबंधित वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्टाफ नर्स व एंबुलेंस के ईएमटी (इमेरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की सेेवा समाप्त कर दी है। साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्साधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
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दरअसल, सिटी ब्लाॅक के लोहंदी कला स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमवार को सुबह पहुंची प्रसूता ने गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान अस्पताल का चैनल बंद था। कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल किया। इसके बाद सीएमओ, एसीएमओ व पीएचसी गुरसंडी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

देहात कोतवाली क्षेत्र के टांडा फाल निवासी पूजा देवी (21) पत्नी श्यामलाल को सोमवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। इस पर पति ने 102 नंबर पर डायल कर एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलने पर 102 एंबुलेंस कर्मी प्रसूता के घर पहुंचे। एंबुलेंस न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंदी कला पहुंचा। प्रसूता को अस्पताल के अंदर ले जाने के लिए एंबुलेंस से उतारा गया, लेकिन अस्पताल का चैनल बंद था। इची बीच अस्पताल के गेट पर ही प्रसव हो गया। प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद प्रसूता वहीं पड़ी रही। अस्पताल के अंदर कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। इस कारण प्रसूता को अंदर नहीं ले जाया गया। एंबुलेंस कर्मी की सूचना पर एक स्वास्थ्यकर्मी ने कुछ देर बाद प्रसूता को अस्पताल के अंदर ले जाकर भर्ती किया। सुबह आठ बजे आए स्टाफ नर्स ने प्रसूता का उपचार किया।
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उधर, अस्पताल के गेट पर प्रसव होने का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद मौके पर सीएमओ डाॅ. राजेंद्र कुमार, एसीएमओ डाॅ. मुकेश कुमार, गुरसंडी पीएचसी प्रभारी, लिपिक दीपक वर्मा की टीम जांच करने मौके पर पहुंची। सीएमओ डाॅ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि एंबुलेंस से प्रसूता को सुबह 7.45 बजे अस्पताल लाया गया। एंबुलेंस से उतारते ही प्रसव हो गया। अस्पताल की एक स्वास्थ्यकर्मी प्रसूता को अंदर ले गई। सुबह आठ बजे संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स आई। उसने जच्चा-बच्चा की जांच की। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि प्रसूता का पहला प्रसव था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि एंबुलेंसकर्मी को स्ट्रेचर से प्रसूता को उतारना चाहिए था। एंबुलेंस से उतरते के बाद ही प्रसव हो गया। एंबुलेंस कर्मी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। अन्य दोषी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंदी (नया) के गेट पर हुए प्रसव से संबंधित वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्टाफ नर्स व एंबुलेंस के ईएमटी (इमेरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की सेेवा समाप्त कर दी है। साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्साधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने जांच रिपोर्ट में बताया कि संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स रेनू जोशी प्रसव के दौरानय अनुपस्थित थीं। जो घोर लापरवाही दर्शाता है। इसके अलावा 108 एंबुलेंस के ईएमटी अभिषेक ने प्रसूता को बिना स्ट्रेचर के मरीज को एंबुलेंस से उतार दिया। साथ ही मरीज को बिना चिकित्सालय को हैंडओवर किए चला गया। इसकी पुष्टि उसके एंबुलेंस के रजिस्टर के अवलोकन से होती है। ईएमटी ने वीडियो वायरल किया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि संयुक्त जांच के दौरान तक बीएचटी (बेड हेड टिकट) न भरा जाना पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी की लापरवाही एवं कार्यों में रुचि नहीं लिए जाने का द्योतक है।

उधर, जांच के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी की संस्तुति पर जिलाधिकारी ने स्टाफ नर्स रेनू जोशी की संविदा समाप्त करने के साथ ही 108 एंबुलेंस के ईएमटी की सेवा समाप्त कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को राजकीय कार्यों में लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
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