पटेहरा। मड़िहान थाना क्षेत्र के दीपनगर स्थित एक हास्पिटल में इंजेक्शन लगने के बाद गर्भवती महिला की हालत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल लाया गया जहां प्रसव के बाद उसने मृत नवजात को जन्म दिया। परिजनों ने निजी अस्पताल की डाक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। थाना क्षेत्र के ककरद गांव निवासिनी मनोज श्रीवास्तव की भतीजी सुमन नौ माह की गर्भवती थी। शुक्रवार शाम को सुमन के पेट में दर्द होने पर ककरद गांव की आशा उसे दीपनगर स्थित एक निजी अस्पताल में ले गई जहां महिला डॉक्टर ने सुमन को एक इंजेक्शन लगाकर छोड़ दिया और शनिवार की सुबह बुलाया। परिजन सुमन को लेकर घर पहुंचे। लगभग चार घंटे बाद सुमन की हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में परिजन शनिवार भोर में ही अपने निजी साधन से मरीज को जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां सामान्य प्रसव से सुमन ने मृत नवजात को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में इंजेक्शन लगने से नवजात की मौत हुई है। हालांकि निजी अस्पताल के डाक्टर ने बताया कि महिला को इंजेक्शन नहीं दिया गया था। उसे दवा देकर रेफर किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचसी पर कार्यरत आशा की मिलीभगत से मरीज को निजी अस्पताल में ले जाया जाता है। जहां मरीज से प्रसव कराने के लिए मोटी रकम वसूली जाती है। पटेहरा पीएचसी प्रभारी डॉ. वाजिद जमील ने कहा कि अगर आशा किसी को निजी अस्पताल ले जा रही है, तो यह बहुत बड़ी लापरवाही है। आशा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।