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सहकारी समितियों पर डीएपी यूरिया कीटनाशक दवाएं नदारद

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क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डीएपी यूरिया सहित कीटनाशक दवाओं की अनुपलब्धता तथा टूटी हुई नहरों एवं तटबंध की मरम्मत ना कराने और विभागीय लापरवाही बरतने को लेकर किसानों ने भाकियू के बैनर तले रविवार की शाम सोनपुर गांव में स्थित सिद्धनाथ सिंह के आवास पर पंचायत की। इस दौरान आरोप लगाया गया कि क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। साथ ही कीटनाशक दवाओं की भी अनुपलब्धता बनी हुई है। जिन किसानों को टोकन मिल चुका है उन किसानों के गेहूं की फसल की खरीद भी मुकम्मल तौर पर नहीं कराई जा रही है। क्षेत्र के कई माइनरों के तटबंध भी टूटे हुए हैं। जिसके चलते टेल तक पानी न पहुंचने से सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पा रही है। विद्युत कटौती के चलते फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित किसान पंचायत में किसानों ने मांग की कि सहकारी समितियों पर कीटनाशक दवाओं के अलावा यूरिया तथा डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। बैठक के दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने किसान दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें आंदोलनरत शहीद हुए किसानों के परिवारों को एक करोड़ रुपए प्रति किसान मुआवजा दिए जाने की मांग की है। किसान महापंचायत के दौरान बैठक में प्रमुख रूप से भाकियू के मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सिंह, वीरेंद्र सिंह, कंचन सिंह, विश्वनाथ सिंह, अनिल सिंह, अरविंद सिंह, ओमप्रकाश सिंह, परशुराम मौर्या सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
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