मिर्जापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव में दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने सुनवाई में दोष सिद्ध होने पर आरोपी पति पप्पू उर्फ राजाराम सोनकर को 10 वर्ष की सजा सुनाई। छह हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।
देहात कोतवाली क्षेत्र राजपुर गांव निवासी शिवचरन सोनकर ने अपनी बहन संजू देवी का विवाह मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला गांव निवासी पप्पू सोनकर से किया था। शिवचरन ने 23 मई 2012 को मड़िहान थाने में बहन के पति पप्पू सोनकर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप था कि शादी के बाद से पप्पू उसकी बहन को प्रताड़ित करता था। दहेज सोने की चेन और अन्य सामान की मांग करता था। पप्पू ने रात में फोन करके बताया कि संजू की तबीयत खराब है। उसके घर जाने पर बहन मृत मिली। जिसके बाद थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामले में विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी की ओर से तर्क दिया कि उसकी मां 75 वर्ष की है। उनकी देखभाल की जिम्मेदारी पप्पू पर है। इसलिए उसे न्यूनतम दंड दिया जाए। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने अपराध को गंभीर बताते हुए अधिक से अधिक सजा से दंडित कर आजीवन कारावास देने की मांग न्यायालय से की। अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र मिश्रा ने आरोपी पप्पू सोनकर को 10 वर्ष की कारावास और छह हजार के अर्थदंड से दंडित किया।