जिले में डेंगू, वायरल और अन्य रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मरीज बढ़ने पर अस्पताल में बेड बढ़या जा रहा है पर बीमारी को नहीं रोका जा रहा है। साफ-सफाई बेहतर न होने के कारण मच्छर जनित रोग फैल रहे हैं। डेंगू वार्ड परिसर के बाहर ही काफी कूड़ा इकट्ठा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सफाई को लेकर जिला प्रशासन कितना सजग है।
जिले में डेंगू का पहला मरीज 13 अगस्त को मिला है। उसके बाद कोई ऐसा दिन नहीं गया कि मरीज न मिले होे। पहले छह बेड के वार्ड से काम चल जाता था, इसके बाद बेड बढ़ाकर 12 किया उसके बाद 18 बेड का वार्ड बनाया गया। इसके बाद भी मरीज बढ़ने पर 40 बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया गया। 22 सितंबर को 40 बेड का वार्ड बना। जिसमें अब तक 225 मरीज भर्ती हो चुके हैं। शुरुआत में बने डेंगू वार्ड में भी 200 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं। 40 बेड के वार्ड में 43 बेड किया गया। बगल के वार्ड में छह बेड और लगाया गया है। इस समय इस वार्ड में 49 मरीज भर्ती हैं। 20 मरीज जो बृहस्पतिवार की रात से भर्ती हैं। डेंगू न फैले इसके लिए साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है, पानी इकट्ठा न होने की बात कही जा रही है, पर अस्पताल परिसर में ही पानी पीने के बाद नारियल का ढेर व अन्य जगह कूड़ा इकट्ठा है।
संचारी माह का भी असर नहीं
मिर्जापुर। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव, सफाई आदि कार्य करना है। जुलाई में संचारी माह मनाया गया, पर इसका व्यापक असर नहीं रहा। अब अक्तूबर को भी संचारी माह के रुप में मनाया जा रहा है। इस माह में भी रोग की रोकथाम के लिए बेहतर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
अस्पताल का मेडिकल कचरा एजेंसी की गाड़ी उठाती है, बाकी कचरा उठाने का कार्य नगरपालिका का है, पर नगरपालिका की गाड़ी कचरा उठाने में लापरवाही करती है। इस बारे में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी।
डा. अरविंद सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल