साइबर ठग लालच देकर दूसरे का खाता चलाते हैं
साइबर ठग पैसे का लालच देकर या धोखा देकर दूसरे का खाता ले लेते हैं। ठगी करने पर पहली बार उस खाते में पैसा मंगाते हैं। फिर वहां से पैसे को कई टुकड़ों में दूसरे खातों में भेजते हैं। इसी तरह यह पैसा ऑनलाइन गेम जीतने वाले के खाते में भी भेज देते हैं।
केस-एक
ऑनलाइन गेम खेलते समय एक हजार रुपये लगाने पर दो हजार रुपये जीत गए। इसके बाद दो हजार रुपये लगाकर चार हजार रुपये जीते। फिर 20 हजार रुपये लगाकर 40 हजार रुपये जीत गए। अब पैसा खाते से नहीं निकल रहा है। बैंक जाने पर पता चला कि पुलिस ने खाते के पैसे को फ्रीज कराया है। साइबर थाने में शिकायत की गई। वहां बताया गया कि खाते में जो पैसा आया है, वह साइबर ठगी का पैसा है।
केस-दो
चील्ह निवासी एक युवक साइबर थाने पर आया और बताया कि उसके खाते पर रोक लग गई है। पूछने पर बताया कि ऑनलाइन गेम खेल रहा था। जीतने पर 13 रुपये आए थे। उसके बाद खाते पर रोक लग गई।
अधिकारी बोले
अनधिकृत ऑनलाइन गेम खेलने से बचें। अनधिकृत प्लेटफार्म आपके अकाउंट को भी खाली कर सकते हैं। जिले में अभी ऐसा मामला नहीं आया है, पर ऐसा होता है। जिले में ऑनलाइन गेम खेलते समय पैसा जीतने पर खाता फ्रीज होने के मामले आ रहे हैं। जांच करने पर पता चला कि ऑनलाइन गेम खेलने पर जो पैसा आया था, वह साइबर ठगी का पैसा था। इसलिए खाते को फ्रीज किया गया। इसलिए जहां पर लालच मिल रहा है, वहां सतर्क रहिए। साइबर ठगी के शिकार हों तो तुरंत 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराइए।
-राम नरायन राम, साइबर थाना प्रभारी