मिर्जापुर। मेडिकल कालेज के अधीन हुए मंडलीय अस्पताल में मरीजों के सुविधा के लिए जल्द सीटी स्कैन, एमआरआई व एलाइजा रीडर मशीन लगेगी। एसआईसी ने मुख्यालय को इसके लिए प्रस्ताव भेजा है। जल्द इस पर मुहर लगेगी। जिसके बाद मशीनो को उनके तय किए गए स्थान पर लगाया जाएगा। इनको लगाने वाले स्थान का भी चयन कर लिया गया है। इन मशीनों के लगने से महंगी जांचें अब मंडलीय अस्पताल में भी हो सकेंगी। इसके लिए मरीजों को गैर जनपद नहीं जाना पड़ेगा। मंडलीय अस्पताल मेडिकल कालेज के अधीन हुआ है, पर अभी भी यहां मेडिकल कालेज जैसी सुविधाएं नहीं है। सीटी स्कैन समेत आदि कई बड़ी जांचों की सुविधा नहीं है। जांच कराने के लिए निजी पैथालाजी, डायग्नोस्टिक सेंटर या फिर वाराणसी व प्रयागराज जाना पड़ता है। लेकिन जनपदवासियों को यह सुविधाएं जल्द मंडलीय अस्पताल में भी मिल सकेंगी। एसआईसी डा. आलोक ने बताया कि एमआरआई, सीटी स्कैन और एलाइजा मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इन मशीनों के लिए लगाने के लिए स्थानों का भी चयन कर लिया गया है। उस स्थान पर भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन मशीनों के लग जाने से लोगों को अब गैर जनपद या निजी पैथालाजी या डायग्नोस्टिक सेंटर में नहीं जाना पड़ेगा। एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें हमारे शरीर के भीतर की तस्वीरें लेती है और किसी भी प्रकार की समस्याओं को उजागर करती हैं। दोनों मशीनें देखने में एक जैसी ही होती हैं और इनका काम भी एक जैसा ही होता है लेकिन वास्तव में ये दोनों मशीनें अलग-अलग होती हैं। एमआरआई से मुख्यत: जोड़ों, दिमाग, कलाई, टखने, छाती, हृदय, रक्त वाहिकाओं की जांचें होती हैं। वहीं सीटी स्कैन से टूटी हड्डियों, ट्यूमर, कैंसर, आंतरिक रक्तस्राव, संक्रमण का पता लगाया जाता है। एमआरआई मशीन रेडियो तरंगों के जरिए काम करती है तो वहीं सीटी स्कैन मशीन एक्स-रे के जरिए काम करती है। एलाइजा रीडर मशीन कई प्रमुख जांचें करती है। खास तौर से डेंगू की जांच।