खेत में लहलहाती धान की फसल।-संवाद।
बादलों के बीच हल्की बारिश के आसार, धान में बिना जरूरत यूरिया डालने से बचें किसान
मिर्जापुर। जिले में मौसम के बदलते मिजाज के बीच किसानों को फसलों की निगरानी बढ़ाने की सलाह दी गई है। आगामी दिनों में बादलों की आवाजाही के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। धूप निकलने पर दिन में उमस भरी गर्मी और रात में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। उमस और बादलों वाले मौसम में फसलों में रोग-कीट का प्रकोप बढ़ने की आशंका को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू-भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि धान की फसल में बालियां निकलने की तैयारी के समय नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। हालांकि, अच्छी बढ़वार वाली फसल में अतिरिक्त यूरिया डालना नुकसानदायक हो सकता है। बादल छाए रहने पर किसान खेत का नियमित निरीक्षण करें। निचली पत्तियों पर भूरे धब्बे या सूखने के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें।
मिर्च और भिंडी पर भी रखें नजर
उमस से मिर्च में रस चूसने वाले कीट बढ़ सकते हैं। फूल और नई पत्तियों की नियमित जांच करें। फूल अधिक झड़ने से जाने बिना कीटनाशक का छिड़काव न करें। वहीं, भिंडी की छोटी और कोमल फलियों की दो-तीन दिन के अंतराल पर तुड़ाई करते रहें। बड़ी फलियों को पौधे पर छोड़ने से नई फलियों का विकास प्रभावित हो सकता है।
पशुओं को गर्मी और उमस से बचाएं
पशुओं को पूरे दिन हवादार स्थान पर रखने और साफ पानी हर समय उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। दूध देने वाले पशुओं के चारे और पानी की खपत पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।