क्षेत्र के सब्जी मंडी में रविवार को पकड़े गए दो पाकेटमार पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। नाबालिग पाकेटमारों के खिलाफ किसी के द्वारा तहरीर नहीं दिए जाने पर पुलिस को अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि हिरासत में लिए गए पाकेटमारों का क्या करे।
बता दें कि राजगढ़ के सब्जी मंडी में लगातार एक पखवारे से कुछ पाकेटमारों द्वारा पाकेटमारी की जा रही थी। रविवार को किशोर पाकेटमार मंडी में आए लोगों की जेब काटने आए थे। वह कुछ लोगाें की जेब से पैसा निकाल रहे थे इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया।
मंडी में मौजूद सब्जी विक्रेताओं ने उनकी जमकर पिटाई कर पूछताछ शुरू किया तो आरोपियाें ने बताया कि वह लोग प्रतिदिन दस से 15 हजार रुपये की पाकेटमारी कर लेते हैं।
बघौड़ा निवासी विवेक कुमार का चार हजार रुपया, पिता की तेरहवीं का सामान खरीदने गए दिलीप शर्मा निवासी राजगढ़ का आठ हजार रुपया, गुड्डू सिंह निवासी भीटी का दस हजार रुपया, प्रदीप मौर्या निवासी राजगढ़ का दस हजार रुपया, भोला सिंह निवासी भीटी का 2500 हजार निकालते समय आरोपी दबोचे गए।
सब्जी विक्रेताओं ने दोनों पाकेटमारों को राजगढ़ पुलिस को सौंप दिया। इस संबंध में चौकी प्रभारी सुबेदार यादव ने बताया कि दो पाकेटमार पुलिस को सौंपे गए हैं लेकिन अभी तक किसी ने इनके खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है। इससे दोनों नाबालिग पाकेटमार को लेकर पुलिस परेशान है। इनके खिलाफ किस आधार पर कार्रवाई की जाए। इसके लिए उच्चाधिकारी से बात की जा रही है।