अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट देवेंद्र सिंह ने हत्या के केस की सुनवाई करते हुए पिता पुत्र समेत तीन लोगों को दोषसिद्ध पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक आरोपी को 33 हजार तथा दो आरोपियों को 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने जुर्माने की राशि से 80 हजार रुपये मृतक सच्चालाल के वारिस को देने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा रोहित विश्वकर्मा पुत्र साधू राम निवासी सिनहर कला देहात कोतवाली ने छह अगस्त 2012 को थाना क्षेत्र में तहरीर दिया कि दस बजे दिन भूमि के विवाद में पट्टीदार झगड़े पर उतारू हो गए। दोनों परिवार की औरतें और लड़कियां आपस में विवाद कर रही थीं।
उसी समय गाली गलौज करते हुए बांकेलाल के ललकारने पर उसके पुत्र मनीष विश्वकर्मा ने बंदूक से फायर कर उसके भाई सच्चालाल को गोली मार दी। जिससे घायल होकर अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दिया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केके पांडेय ने सात गवाह परीक्षित कराए। सुनवाई न्यायालय द्वारा शुक्रवार को की गई। न्यायालय ने तीन आरोपी बांकेलाल उसके पुत्र मनीष विश्वकर्मा और चाचा तेज बहादुर उर्फ तेजई हत्या के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड लगाकर जेल भेज दिया।