क्राइम ब्रांच और देहात पुलिस ने शनिवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे देहात कोतवाली क्षेत्र के राजपुर नहर के पास से अतंर्जनपदीय चोर गिरोह के मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी की एक जनरेटर, दो बाइक और चोरी की वारदात में इस्तेेमाल की जाने वाली ट्रवेरा आैर पिकअप बरामद हुआ। तीनों के विरुद्घ संबंधित धारा में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों को जेल भेजा दिया गया। घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने शनिवार की शाम पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताई।
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उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी परशुराम बिंद पुत्र शंभूनाथ बिंद निवासी हेमपुर थाना मांडा जनपद इलाहाबाद का शातिर का बदमाश है। उसने अपने ही गांव के मेवालाल बिंद की पांच अक्तूबर 2015 को हत्या कर दी थी। इसके अलावा परशुराम के खिलाफ मांडा थाने में बलात्कार का मुकदमा पंजीकृत है। इस घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। करीब दो वर्ष से आरोपी मिर्जापुर जिले में आकर किराए का मकान लेकर रहने लगा और यहां एक नया गिरोह बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने लगा। परशुराम ने इलाहाबाद से दो बाइकें चुराई है। इसके बाद उसने घोरावल जनपद से एक जनरेटर चुराया। मिर्जापुर में भी यह चोरी की वारदात को अंजाम देने आया था। बताया कि मुखबिर से इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
योजना तैयार कर देहात कोतवाल शफीक अहमद आैर क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रपात सिंह ने शनिवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे देहात कोतवाली के राजपुर नहर के पास से घेरेबंदी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि चुराए गए जनरेटर को पांडेयपुर निवासी कृष्णकांत दूबे के घर से बरामद कर लिया गया है। वे बाइक आैर जनरेटर को चुराकर कम दामों में दूसरों को बेच देते थे। अन्य आरोपियों में जय शंकर बिंद पुत्र भगवती प्रसाद निवासी बघेड़ा खुर्द थाना जिगना मिर्जापुर, दीपक दलित पुत्र जसवंत निवासी हेमपुर थाना मांडा जनपद इलाहाबाद, दीपक पुत्र मुन्नीलाल बिंद निवासी बेला थाना मांडा जनपद इलाहाबाद का रहने वाला है। पुलिस ने उनको जेल भेज दिया।
आरोपी पशुराम बिंद का कहना कि उसे हत्या व बलात्कार के झूठे मुकदमें में फंसाया गया था। जिसकी जांच कराने के लिए उसने सीसी सीआईडी से मांग किया था लेकिन उसकी जांच नहीं हुई।