जिगना। रक्ताल्पता के चलते रविवार को जच्चा-बच्चा की मौत मामले में परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पीएचसी की एएनएम पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। जच्चा-बच्चा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार क्षेत्र के बौता गणेशदत्त गांव निवासी रामलखन की पत्नी श्याम कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार की सुबह नया उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरोईया लाया गया था। यहां महिला की हालत गंभीर देखते ही डा. नरेंद्र कुमार ने महिला को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया था। एंबुलेंस देर से आने के कारण महिला को वहीं बच्चा पैदा हो गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने महिला को जिला चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे चिकित्सालय ले जा रहे थे कि रास्ते में महिला और नवजात की मौत हो गई। घटना से नाराज परिवार के लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीएचसी पर हंगामा किया था। साथ ही एएनएम के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने एएनएम के खिलाफ गैरइराइतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जच्चा-बच्चा के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरोई के प्रभारी डा. मुकेश प्रसाद का कहना है कि उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरोइया के चिकित्सा प्रभारी डा. नरेंद्र कुमार ने खून की कमी के कारण महिला श्याम कुमारी को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया था। एंबुलेंस पहुंचने में विलंब होने पर परिजन अपने साधन से महिला को कहीं ले जा रहे थे कि रास्ते में महिला की मौत हो गई। मामले में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।