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चार दिन बाद बंधी से बरामद हुआ सरजात का शव

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हलिया। थाना क्षेत्र के पौड़ी रामपुर बंधी में समाए सरताज के शव को हलिया पुलिस एवं मध्य प्रदेश के सीधी जनपद की पुलिस ने संयुक्त रूप से घटना के चौथे दिन बंधी से मंगलवार को बरामद किया।
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बरामद शव को देखते ही पुलिस हैरान हो गई। क्योंकि उसके शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं दिखाई दिए। जबकि उसके साथी के अनुसार सरताज को मगरमच्छ उठा ले गया था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के राज के बारे में पता चलेगा।
बता दें कि शनिवार को सूरजगढ़ निवासी सरताज अपने साथी छोटेलाल कोल के साथ बंधी में मछली पकड़ने के लिए जाल डाल रहा था। उसी समय बंधी से निकले मगरमच्छ ने सरताज को अपना शिकार बना लिया। साथी की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष हलिया विश्वज्योति राय ने मध्य प्रदेश के सीधी जनपद से लाए गए वाटर दूरबीन के सहारे तीन दिनों तक शव को तलाश करते रहे लेकिन सरताज नहीं मिला। चौथे दिन एक बार फिर हलिया और मध्स प्रदेश के सिधी जिला की पुलिस संयुक्त से शव की तलाश में जुटी तो सरताज का शव गहरे पानी में न होकर बंधी केट किनारे ही एक स्थान पर मिल गया। पुलिस ने बताया कि सरताज मध्य प्रदेश के सीधी जनपद के मेढ़ैली गांव का निवासी था। दो वर्ष पूर्व ही अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ झुग्गी झोपड़ी बनाकर हलिया में बटाई पर खेती तथा चूड़ी का व्यवसाय कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। हलिया थानाध्यक्ष विश्व ज्योति राय के साथ उपनिरीक्षक रामज्ञान सिंह यादव एवं मध्य प्रदेश के उपनिरीक्षक केपी सिंह चौहान, नंदी लाल, लोलर सिंह, राम सजीवन, रामकरण, मिठाईलाल और राम अवतार पुलिस कर्मियों के अलावा गोताखोरों के सहयोग से सरताज को बंधी से निकालने में सफलता मिल गई। सरताज हाफ पैंट पहनकर मछली पकड़ने के लिए बंधी में गया था लेकिन मगरमच्छ द्वारा हमला बोलने के बावजूद उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं दिखाई दिए। यह बात पुलिस केे हैरत में डाल रही है। बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही खुलासा होगा।
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