विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी का चरण स्पर्श कराने को लेकर मंगलवार की सुबह साढ़े 11 बजे एक पुरोहित और दरोगा के बीच नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों में गाली गलौज भी हुआ जिससे मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दरोगा की तहरीर पर आरोपी पुरोहित के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए मंगलवार की सुबह भक्तों की कतार लगी थी। 11 बजे मंदिर बंद होने का समय भी हो रहा था। उसी समय एक तीर्थ पुरोहित अपने यजमान को लाइन से लेकर मां के गर्भ गृह तक पहुंच गया। भक्तों की ओर से जब मां का चरण स्पर्श करने की बात कही गई तो पुरोहित ने भीड़ होने की बात कह कर चार चार बजे के बाद चरण स्पर्श होने की बात कही। बातचीत के बीच पीछे की भीड़ रुक गई। मंदिर के निकास द्वार पर तैनात दरोगा भोला नाथ मिश्र भक्तों को बाहर निकालने लगे। यह देख पुरोहित ने कहा कि अभी दर्शन पूजन नहीं हुआ है। गर्भ गृह में भक्तों का चरण स्पर्श कराना है। इस पर दरोगा ने मंदिर बंद होने की बात कहकर भक्तों से जल्दी निकलने की बात कही। इस बात को लेकर पुरोहित और दरोगा में नोकझोंक होने लगी। इस दौरान मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी होने पर पहुंचे लोगोें ने बीच बचाव कराया। घटना के बाद पुरोहित चले गए। मामले में दरोगा ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने धारा 353, 504, 506 एंव 332 के तहत केस दर्ज कर दरोगा को मेडिकल के लिए भेज दिया।
विंध्य पंडा समाज के कोषाध्यक्ष गौतम द्विवेदी ने कहा कि मामला गर्भगृह के अंदर का है। वहां तैनात दरोगा कई दिनों से अनुचित शब्दों का प्रयोग कर रहा था। इसकी शिकायत मंदिर सुरक्षा प्रभारी से लोगों ने दो बार की थी। मंगलवार को भी कुछ इसी तरह की बात होने पर मामला गरम हुआ।
सीओ नगर संजय ने बताया कि दर्शन के दौरान पुरोहित ने दरोगा को धक्का दे दिया जिसको लेकर कहासुनी हुई। दरोगा की तहरीर पर पुरोहित के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।