मिर्जापुर। मड़िहान के बेदऊर गांव में नौ दिसंबर की रात हुई सपा कार्यकर्ता सनोज यादव हत्याकांड का मामला संदिग्ध है। अहरौरा और मड़िहान पुलिस इस मामले में लीपापोती करते हुए मामले को दबाने का प्रयास कर रही है जबकि मामला कुछ और ही है। घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। ये बातें सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने बुधवार को लोहिया ट्रस्ट स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए कही।
उन्होंने बताया कि अहरौरा के मीरापुर निवासी सनोज यादव सपा कार्यकर्ता था। उसकी मौत की जानकारी होने पर मेरे नेतृत्व में सपा का एक प्रतिनिधि मंडल दल बुधवार को घटना स्थल का जाकर निरीक्षण किया। लोगों से बातचीत की। इसके बाद मृतक सनोज के घर पहुंचा तो उसके बड़े भाई मनोज यादव ने हत्याकांड के मामले में सनसनी खेज बातें बताई। उसने बताया कि घटना के दिन अहरौरा थाने के दो सिपाही एक बोलेरो गाड़ी में बैठ कर मड़िहान गए थे। जिसमें तीन अन्य लोग भी थे। यह लोग सरिया निवासी एक युवक के पास पहुंचे। जहां उसने सनोज के मोबाइल पर फोन किया लेकिन संपर्क नहीं हुआ। एक सिपाही ने फोन किया तो सनोज ने बताया कि वह बजाहुर में है। जिसे लेने के बाद यह लोग विजय बिंद के डेरा की ओर निकले। रास्ते में बक्सी नदी पड़ने पर सभी वहीं रुक गए। इसके बाद एक सिपाही, सनोज समेत तीन लोग डेरा की ओर निकले। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आधे घंटे बाद सिपाही समेत दो लोग गाड़ी के पास पहुंचे। जब युवक ने पूछा कि सनोज कहां है तो बताया कि वह भाग गया है। जबकि उस समय सनोज की हत्या हो चुकी थी। सभी वहां से लौट आए और बगैर घरवालों को कुछ बताए गायब हो गए। मृतक के भाई द्वारा पुलिस के कार्यशैली पर सवाल उठाना बड़ी बात है। जिलाध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। कहा कि इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी सौंपेंगे। उन्होंने अहरौरा और मड़िहान थाना प्रभारियों को हटाने की मांग की। प्रतिदिन मंडल दल में लालता बियार, पंकज उपाध्याय, भोला यादव, रणजीत यादव, मुरारी यादव, प्रमोद केशरी, सत्यनारायण यादव, लोरिक यादव आदि शामिल रहे। इस दौरान स्वामीशरण दूबे आदि मौजूद रहे।