मिर्जापुर। अदलहाट थानाध्यक्ष ने विभिन्न जनपदों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर एक मंदिर में साधु बन कर छिपे एक शातिर समेत दो बदमाशों को क्षेत्र के पचेगढ़ा नहर पुलिया के पास से रविवार की रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनसे एक तमंचा, कारतूस व चोरी की बाइक बरामद हुई है। उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने पुलिस लाइन में सोमवार को बताया कि पचेगढ़ा गांव निवासी अनमोल सिंह के विरुद्घ हत्या, जानलेवा हमला करने समेत एक दर्जन मुकदमे मिर्जापुर एवं सोनभद्र जिले में दर्ज हैं। इसने इलाके में दहशत फैला रखा था। पुलिस से बचने के लिए एक मंदिर पर साधु के वेश में रहने लगा था। पुलिस उसकी तलाश में थी। रविवार की रात अनमोल केे अपने साथी मनीष सिंह निवासी पंचेगड़ा के साथ होने की सूचना मिली। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने अपनी टीम के साथ पचेगढ़ा नहर पुलिया के पास घेराबंदी करके उन्हें रोकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पीछा करने पर उनमें से एक ने तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस ने भी जवाबी गोलियां चलाईं और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे एक तमंचा, एक खोखा, दो कारतूस बरामद हुुआ है। चोरी की एक बाइक भी मिली है। उन्होंने बताया कि उसके साथी मनीष पर अदलहाट थाने में मुकदमा दर्ज है।