मिर्जापुर। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह द्वितीय ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्घ पाए जाने पर एक आरोपी को 18 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये के अर्थदंड भी दंडित किया है।
अभियोजन अनुसार मड़िहान थाना क्षेत्र के हिनौता गांव निवासी दूधनाथ पुत्र हीरालाल की किराना की दूकान पर खाद्य निरीक्षक पटेहरा राधेश्याम ने 25 दिसंबर 1995 को सवा दस बजे औचक निरीक्षण किया। बिना लाइसेंस के दूकान पर मिलावटी सरसों का तेल बेचने के आरोप में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। अभियोजन की तरफ से अभियोजन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह व सहायक अभियोजन अधिकारी राजकुमार ने दो गवाह प्रस्तुत कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोष सिद्घ पाते हुए डेढ़ साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।