मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के गुर्गी गांव में झोलाछाप चिकित्सक के चंगुल में फंसकर छोटेलाल 40 को अपनी जान गंवानी पड़ गई। मौत के बाद मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के भाई दयाराम का कहना है कि छोटेलाल (40) सूरत में एक साड़ी कंपनी में काम करता था। तीन दिन पहले वह घर आया हुआ था। मंगलवार को पेट में दर्द होने पर गांव के ही इंद्रपति द्वारा झोलाछाप चिकित्सक को बुलाकर उपचार कराया जा रहा था। उपचार के दौरान हालत बिगड़ने लगी।
यह देख झोलाछाप चिकित्सक और इंद्रपति तथा नीजी साधन से उपचार के लिए ले जा रहे थे कि रास्ते में छोटेलाल की मौत हो गई। मौत के बाद दोनों शव घर पर रखकर फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोगों को इस बात का पता चला तो घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची हलिया पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताते चलें कि छोटेलाल मौर्य और इनका बड़ा बेटा मंजेश मुंबई में मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करता था। छोटा लड़का रमेश और लड़की दोनों आदि शक्ति इंटर कालेज अदवा में पढ़ते हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष हलिया छोटक यादव का कहना है कि भाई की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।