मिर्जापुर। जिले केे पंद्रह थानों में से तकरीबन सभी थानों में विभिन्न मुकदमों से संबंधित पुराने वाहन भरे पड़े हैं। मुकदमों का निस्तारण होने तक इन वाहनों की देखरेख का जिम्मा पुलिस का होता है। पुराने वाहनों को रखना एवं उनकी देखरेख करना पुलिस के लिए बड़ी समस्या है। इस समस्या से निजात के लिए जिले में जल्द ही वेयर हाउस बनाया जाएगा। एसपी आशीष तिवारी ने इसका प्लान तैयार किया है। आशीष तिवारी शुक्रवार की सुबह लखनऊ में डीजीपी ओपी सिंह के समक्ष इसका पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन देंगे। वेयर हाउस में ही जिले भर के थानों के पड़े वाहन एवं सदर मालखान में रखे सामान रखे जाएंगे।
पुलिस रिकार्ड की मानें तो जिले के सभी थानों में तकरीबन पांच सौ से ज्यादा दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़े हैं। इसमें करीब 175 वाहन कंडम हालात में पहुंच गए हैं। दस साल से ज्यादा समय से इनके मुुकदमे चल रहे हैं। इस समस्या से निजात के लिए एसपी आशीष तिवारी ने पहल कर प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत उन्होंने सभी थानों की वीडियोग्राफी कराई। एएसपी, सीओ और सभी थाना प्रभारियों से सुझाव मांगे गए। सभी का कहना था कि अगर जिले में कोई एक ऐसा परिसर बन जाए जहां सभी थानों के वाहन खड़े हों। ऐसा ही प्लान डीआईजी चित्रकृट मनोज तिवारी ने भी तैयार किया है। दोनों अधिकारियों ने अपने प्लान से डीजीपी को अवगत कराया। डीजीपी ने उन्हें शुक्रवार को अपने कार्यालय में प्रेजेंटेशन के लिए बुलाया है। डीजीपी की सहमति एवं शासन की मंजूरी के बाद जगह चिह्नित करने का काम शुरू किया जाएगा। थानों में खड़े वाहन एवं मालखाने में पड़े सामान के निस्तारण के लिए कई बार शासनादेश जारी किया जा चुुका है। बताया गया है कि जिन वाहनों से संबंधित मुकदमों का निस्तारण हो जाए उन्हें हटाया जाए। नौ सितंबर 2014 को तत्कालीन डीजीपी एएल बनर्जी, 15 अप्रैल 2015 को तत्कालीन डीजीपी अरविंद कुमार जैन, 14 दिसंबर 2015 को तत्कालीन डीजीपी जगमोहन यादव सदर मालखाना एवं थानों में रखे माल के निस्तारण के संबंध में दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं। एसपी आशीष तिवारी ने बताया कि थानों और सदर मालखाने में रखे सामान को वेयर हाउस में रखे जाने का प्रस्ताव है। इससे मैन पावर के साथ ही थानों में जगह की समस्या भी दूर होगी। इसके संबंध में शुक्रवार को डीजीपी के सामने प्रेजेंटेशन देना है।