नरायनपुर। क्रशर प्लांट के मालिक रमेश सिंह की मौत सड़क हादसे में नहीं बल्कि कालका मेल की कटकर से शनिवार की रात हुई थी। इस बात का खुलासा सोमवार को हुआ, जब आरपीएफ ने नरायनपुर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। परिजनों ने नरायनपुर पुलिस चौकी में रमेश की मौत सड़क हादसे में मौत होने की बात बताते हुए तहरीर देकर शव सौंपा था, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा किया था। पुलिस ने बताया कि शनिवार की रात रमेश सिंह (45) पुत्र लालब्रत सिंह निवासी प्रतापपुर थाना अदलहाट के परिजनों ने रविवार को चौकी में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि दर्रा हटिया गांव के सामने ट्रक की चपेट में आने से रमेश सिंह की मौत हो गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, सोमवार को आरपीएफ चुनार पुलिस को बताया कि रमेश के परिजनों ने उसकी मौत की सूचना गलत दी है। उसकी मौत ट्रक की चपेट में आने से नहीं हुई थी बल्कि शनिवार की रात प्रतापपुर के सामने रेलवे लाइन पर बुलट पार कराते समय कालका मेल की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन ट्रामा सेंटर वाराणसी ले गए थे। वहां चिकित्सक ने क्रशर प्लांट मालिक को मृत बताकर वापस भेज दिया। इसके बाद परिजन नरायनपुर पुलिस चौकी को शव को सौंपते हुए हटिया दर्रा गांव के सामने ट्रक दुर्घटना बताकर तहरीर दे दी। आरपीएफ ने बताया कि मृतक का मोबाइल व बुलट के टुकड़े रेलवे ट्रैक के पास से बरामद किया गया है। ट्रेन दुर्घटना के बाद परिजनों ने सड़क दुर्घटना बताकर गलत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने कहा कि सत्यता की जानकारी होने पर परिजनों पर विधिक कार्रवाई की जायेगी।