अहरौरा। बिहार के रोहतास में दलितों को बंधक बना कर मारने पीटने और सैकड़ों बीघा फसल जलाकर नष्ट करने के तीन आरोपियों को बिहार पुलिस ने मंगलवार की सुबह अहरौरा पुलिस की मदद से क्षेत्र के पटिहटा गांव निवासी अधिवक्ता के घर छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को बिहार के रोहतास जिले की पुलिस अपने साथ ले गई। छापेमारी के बाद अधिवक्ता घर से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश पुलिस कर रही है।
पटिहटा गांव में मंगलवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब बिहार और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अधिवक्ता के घर को घेर लिया। पुलिस मकान को घेरते ही अंदर घुसी और वहां से बिहार के तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बिहार के रोहतास जनपद के थाने के सब इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि मई 2017 को रोहतास जनपद के चेनारी थाना के मलहर गांव निवासी राजवंश पांडेय के पुत्र चंदन पांडेय, लव पांडेय और कुश पांडेय ने चेनारी गांव के दलितों को बंधक बना कर उन्हें मारपीट कर घायल किया था और उनकी फसल को जलाकर नष्ट कर दिया था। मामले में रोहतास के थाने में तीनों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। न्यायालय के आदेश पर मंगलवार की सुबह पटिहटा गांव से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस के अनुसार पकड़े गए तीनों आरोपी बदमाश हैं और कई अन्य मामलों में भी जेल जा चुके हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में बिहार पुलिस के अलावा थानाध्यक्ष वैभव सिंह, इमलियाचट्टी चौकी प्रभारी अमित श्रीवास्तव, विक्रम बहादुर सिंह, चंद्रभान कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।