लालगंज। श्रीमती इंदिरा गांधी राजकीय पीजी कॉलेज में आधुनिक राजनीतिक व सामाजिक परिप्रेक्ष्य में अनुसंधान की कार्यशाला के दूसरे दिन रविवार को वक्ताओं ने अनुसंधान व कर्तव्य की विवेचन की। कहा कि अनुसंधान से मानवीय दिशा और कर्तव्य की अवधारणा का सिद्धांत व व्यवहारिक स्वरूप निर्धारित होता है। कार्यशाला के दूसरे दिन राजस्थान जयपुर विश्वविद्यालय राजनीति विभाग की डॉ. सुमन मौर्या ने कहा कि सामाजिक संरचना में अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। विशेष वक्ता कन्नौज बांगर राजकीय महिला महाविद्यालय की डॉक्टर सुमन शुक्ला ने कहा कि सैद्धांतिक ज्ञान का व्यवहारिक ज्ञान में प्रयोग जारी है। राजनीतिक क्षेत्र में मुद्दे घटनाएं और सपने सैद्धांतिक भाषा में एक नई संरचना और व्यवस्था का निर्माण करते हैं। उन्होंने कार्यशाला में विभिन्न प्रांतों के विशेषज्ञों के पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि अनुसंधान एक प्रक्रिया है, जो नई खोज पैदा करती है। कार्यशाला में उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हरियाणा व राजस्थान के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने व्यावहारिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक सवाल किए। कार्यशाला की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. एस के एस पांडेय और आभार संयोजक डॉ गौरव त्रिपाठी एवं संचालन डॉ. रश्मि सिंह ने किया। कार्यशाला में डॉ. सुषमा सिंह, डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव, डॉ. शेफाली, डॉ. अरविंद उपाध्याय, डॉ. अनुराधा, डॉ. उपेंद्र सिंह, डॉ. गिरिजेश शुक्ला, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. सोनू पुरी, फतेह सिंह, डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. राहुल, डॉ. शिवमंगल यादव, डॉ. पुष्पा,डा उदय सिंह, डॉ. आलोक पांडे, डॉ. दिनेश कुमार राजपूत, डॉ. रमाकांत गौड़, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. बृजेश श्रीवास्तव, डॉ. ऋषि आदि शामिल रहे।