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भूमि की अनुपलब्धता सार्वजनिक शौचालय के निर्माण में बाधा

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मिर्जापुर। सार्वजनिक शौचालयों के लिए कई जगहों पर भूमि अनुपलब्ध नहीं हो रही। अब तक इस प्रकार के सात मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि कई जगह समस्या हुई लेकिन उनका निराकरण किया गया। जिले में इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक शौचालय बनाया जाना है। जिले में वर्तमान में आठ सौ नौ ग्राम पंचायत हैं। जिनमें सार्वजनिक शौचालय बनने हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत इन शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। आठ सौ नौ में से आठ सौ दो में कार्य शुरू हो चुका है। इसमें से सात सौ 65 सार्वजनिक शौचालय बन भी चुके हैं। शेष निर्माणाधीन हैं। इस में अब मात्र सात ग्राम पंचायत ही ऐसी हैं जहां पर भूमि की उपलब्धता नहीं है। इसमें कोन विकास खंड के जगदीशपुर, हरसिंगपुर, सीखड़ विकास खंड के फुलहा व अन्य शामिल हैं। इन सभी जगहों पर जिला प्रशासन की टीम सर्वे कर भूमि की उपलब्धता का प्रयास कर रही है। मिर्जापुर। जिले में बनने वाले सार्वजनिक शौचालय आमतौर पर चार सीटर हैं। इन पर लगभग पांच लाख रुपये का बजट आवंटित किया जाता है। यह कोई नियम नहीं है। यदि जगह है और ग्राम पंचायत के पास बजट है तो वह अधिक सीट वाले शौचालय का भी निर्माण करा सकता है। बजट की व्यवस्था ग्राम पंचायत को ही करनी है। वह अन्य सुविधाओं के लिए भी बजट खर्च कर सकती है। इस योजना के तहत जिले में एक सौ 13 ग्राम पंचायत भवन बनाए जाने थे। इसमें से 61 पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष पर कार्य चल रहा है। पंचायत भवन के निर्माण में फिलहाल कोई अड़चन नहीं है। बजट की भी कोई समस्या नहीं है। बताया जा रहा है कि इस वित्तीय वर्ष तक सभी निर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे।
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