राजधानी एक्सप्रेस हादसे में उखड़ा ओएचई केबल का पोल
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इस हादसे के चलते दर्जनों ट्रेनें जहां-जहां खड़ी हो गईं। इसके एक घंटे बाद अप लाइन छह बजे शुरू कर दी गई। रेलवे महकमा डाउन लाइन पर ओएचई तार व पोल निर्माण में जुटा रहा। करीब आठ बजे डीजल इंजन लगाकर राजधानी एक्सप्रेस को रवाना किया गया। देर रात करीब 12 बजे डाउन लाइन पर भी परिचालन शुरू कर दिया गया।
राजधानी एक्सप्रेस हादसे के बाद मिर्जापुर स्टेशन पर खड़ी ट्रेन
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वहीं इस मामले की सच्चाई को रेलवे के अधिकारी छिपाने में लगे रहे। वह महज ओएचई तार टूटने और राजधानी के इंजन का पेंटो टूटने का दावा करते रहे। इतने बड़े हादसे के बाद भी क्रेन की टक्कर को छिपाते रहे। जबकि शनिवार को इस मामले में आरपीएफ ने चालक देवेंद्र कुमार निवासी गांव सुखपुर थाना थरियांव जिला फतेहपुर को गिरफ्तार कर रेलवे के दावे की पोल खोल दी।
आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि झिंगुरा स्टेशन के पास ओएचई पोल के कार्य में लगी क्रेन को कार्य समाप्ति के बाद भी क्रेन ऑपरेटर की लापरवाही के कारण वहीं रही। जिससे क्रेन का अगला भाग ट्रेन से टकराने से ओएचई तार टूट गया। जिससे डाउन लाइन प्रभावित हो गई। मामले की जांच उप निरीक्षक संदीप कुमार कर रहे हैं। जांच के बाद अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर के झींगुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ था हादसा
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अब सवाल यह उठता है कि इस घटना के लिए क्या केवल क्रेन चालक ही जिम्मेदार है। ट्रैक को लेकर होने वाले कार्य में ठेका कंपनी और रेलवे दोनों सामंजस्य बनाकर काम करते हैं। इसी प्रकार संरक्षा के लिए भी दोनों जिम्मेदार होते हैं, लेकिन यहां केवल चालक पर कार्रवाई की गई है।
राजधानी एक्सप्रेस हादसा के बाद शुक्रवार रात लंबी दूरी की 12 से ज्यादा ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गईं। अप लाइन शुरू होने के बावजूद देर रात डाउन लाइन बाधित रहा। छह ट्रेनें मिर्जापुर स्टेशन से लेकर जिगना के बीच करीब सात घंटे तक खड़ी रहीं। एक तो कोहरे के कारण ट्रेन वैसे ही देरी से चल रही थी। ऊपर से हादसे के चलते ट्रेन खड़ी होने से यात्री बिफर पड़े।
रेलवे स्टेशन मिर्जापुर पर मगध एक्सप्रेस खड़ी थी। रात में यात्री हंगामा करने लगे। इसके अलावा अकोढ़ी, गैपुरा में भी दो ट्रेन खड़ी थी। वहां भी भोजन व पानी के साथ ही सुरक्षा संबंधी समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी सक्रिय हुए। रात एक बजे तक सभी ट्रेनों के रवाना होने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली और टीमें वापस लौटी।