मिर्जापुर। लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा बैंक का फर्जी एफडीआर बंधक के रूप में दिए जाने के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीव कुमार त्रिपाठी ने शहर कोतवाली पुलिस को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने आदेश दिया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील दत्त ने न्यायालय में वाद दाखिल कर बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के परमापुर तरकापुर निवासी ठेकेदार राम अवतार सिंह के पक्ष में अनुबंध सृजित किया गया। राम अवतार ने बैंक से जारी एफडीआर को जमानत धनराशि के रूप में जमा किया। एफडीआर का सत्यापन कराया गया तो बैंक के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि एफडीआर उनके बैंक से जारी नहीं किया गया है। एफडीआर कूटरचित ढंग कराया गया है। इसकी सूचना फतहां चौकी को दी गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक से मुकदमा दर्ज कराकर मामले की जांच की मांग की गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीव कुमार त्रिपाठी ने इस मामले को गंभीर प्रकृति का बताया और पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलित किए जाने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने शहर कोतवाल को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। शहर कोतवाल बालमुकुंद ने बताया कि न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ है। मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की जाएगी।