विकास खंड छानबे के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि शासन द्वारा राजीव गंाधी विद्युतीकरण योजनांतर्गत गांवों में नि:शुल्क बिजली पहुंचाई जा रही है, लेकिन ठेकेदार शासन की मंशा को धता बताते हुए लोगों से तार, पोल तथा मीटर लगाने के नाम पर धड़ल्ले वसूली कर रहे हैं। यही नहीं ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर 15 हजार रुपया लिया जा रहा है। नहीं देने पर उसके गांव में बिजली नहीं पहुंचाई जा रही है।
सदर तहसील के गोगांव गांव के ग्रामीण भारी संख्या में मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और ठेकेदारों के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्रवाई करने की मंाग की। बताया कि गोगांव गांव में बीपीएल एवं अंत्योदय कार्डधारक रहते हैं। विद्युतविहीन इस बस्ती में ठेकेदार द्वारा वर्ष 2015 से राजीव गांधी विद्युतिकरण योजना के तहत बिजली पहुंचाई जा रही है। कर्मचारी गांवों में पोल व तार लगाने काम का रहे हैं, लेकिन पोल व तार लगाने के एवज में ग्रामीणों से पांच सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक ले रहे हैं।
मीटर लगाने के लिए अलग से दो सौ रुपये ले रहे हैं। इसके अलावा ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 15 हजार रुपये की मांग की जा रही है। पूछने पर बताते हैं यह रुपये ऊपर के अधिकारियों को दिया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार के कर्मचारी धड़ल्ले से बस्ती के लोगों को लूटने काम कर रहे हैं, जबकि शासन से गांवों में निशुल्क बिजली पहुंचाने का निर्देश है। लोगों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पूरे मामले की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मांग करने वालों में राजे यादव, मनोज, हरिशंकर, विवेक, राजकुमार, सोनू, रामचंदर, धनराजी देवी, कैलाशी देवी, प्रेम चंद्र, प्रभावती देवी, लालमनी, सुधीर, फूलचंद्र, नीलेश, बृ़जेश, दयाशंकर, देवी शंकर, राजाराम, शांति देवी, सूर्यदेव, गुड़िया, योगेश, राधा, फूलकुमारी, सरोज आदि शामिल रहे।