फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनाकाल: पांच सदी बाद एक दुर्लभ योग लेकर आया दीपावली

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। आध्यात्मिक धर्म गुरु त्रियोगी मिठ्ठू मिश्र ने बताया कि कोरोनाकाल में पांच सदी बाद एक दुर्लभ योग लेकर दीपावली का पर्व आया है। 14 नवंबर को पूरे देश में दीपावली मनाई जा रही है। आध्यात्मिक धर्म गुरु ने बताया कि दीपावली के दिन गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में रहेंगे और शनि अपनी राशि मकर में रहेंगे। वहीं, शुक्र ग्रह कन्या राशि में नीच का रहेगा। इन तीनों ग्रहों का यह दुर्लभ योग वर्ष 2020 से पहले सन 1521 में नौ नवंबर को देखने को मिला था। धर्म गुरु ने बताया ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और शनि आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले ग्रह माने गए हैं। उन्होंने बताया कि यह दीपावली सब के लिए कई शुभ संकेत लेकर आई है। इस वर्ष 14 नवंबर को चतुर्दशी तिथि पड़ रही है, जो दोपहर एक बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसके बाद आमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा। जो 15 नवंबर की सुबह 10:00 बजे तक रहेगा। हालांकि 15 तारीख केवल स्नान दान की ही अमावस्या रहेगी। आपको बता दे दीपावली संध्या से रात्रि काल में मनाई जाती है इसमें उदया तिथि की मान्यता नहीं होती इसी लिए इस वर्ष दीपावली 14 नवंबर को है। मिठ्ठू मिश्र ने बताया कि दीपावली की पूजा हमेशा स्थिर लग्न में करनी चाहिए। स्थिर लग्न मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 37 मिनट से 2 बजकर नौ मिनट तक कुंभ लग्न, उसके बाद सायं 5 बजकर 16 मिनट से सायं 7 बजकर 15 तक वृषभ लग्न। रात्रि 11 बजकर 44 मिनट से रात्रि एक बजकर 58 मिनट तक सिंह लग्न में ये तीन विशेष लग्न मुहूर्त दीपावली के दिन मिल रहे हैं। इस मुहूर्त में पूजा करने से समस्त मनोकामना पूर्ण होती है ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें