विंध्याचल। शारदीय नवरात्र के छठें दिन शुक्रवार को देर रात में विंध्यवासिनी मंदिर के प्रथम निकास द्वार से जाने को लेकर पुलिस और पंडा में विवाद के बाद धक्का-मुक्की हो गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझाकर दोनों पक्ष को शांत कराया। इस मामले का वीडियो शनिवार को वायरल होने लगा। जिसमें विवाद के दौरान पंडा दरोगा को धक्का देते दिख रहे हैं और कह रहे हैं कि पूरा मामला गड़बड़ा जाएगा।
रात में मंदिर में व्यवस्था परिवर्तित करते हुए प्रथम निकास द्वार पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने प्रवेश करने वाले तीर्थ पुरोहितों को रोकना शुरू कर दिया। इस मामले की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित मौके पर पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर मंदिर सुरक्षा प्रभारी चंद्र प्रकाश पाण्डेय व कस्बा इंचार्ज दयाशंकर ओझा मौके पर पहुंचे। आधे घंटे बाद समझाकर मामला शांत कराया गया। तीर्थ पुरोहित अवनीश मिश्र ने बताया कि रात 12 बजे के करीब निकास द्वार पर तैनात एक सीओ तथा एक दरोगा ने कई पंडों को प्रवेश से रोका। जानकारी होने पर मौके पर पहुंच कर दरोगा से बताया गया कि यहां से प्रवेश करना तीर्थ पुरोहितों का अधिकार है, परंतु दरोगा भाग जाने के लिए कहने लगे। पीछे धकेलते हुए हटाया। सीओ अनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि रात में तीर्थ पुरोहित अवनीश मिश्रा कुछ दर्शनार्थियों को दर्शन कराने के लिए निकास दरवाजे से प्रवेश किए। कुछ देर बाद निकास दरवाजे के सामने खड़े हो गए। अंदर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। ड्यूटी पर तैनात दरोगा ने वहां से हटने को कहा तो विवाद करने लगे। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन का कहना है कि शुक्रवार को रात में एक पंडा और पुलिस के बीच विशेष द्वार से प्रवेश की बात को लेकर विवाद हो गया था। इस पर पुलिस उच्चाधिकारी द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर बातचीत कर मामला सुलझा दिया गया। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी का कहना है कि पंडा लोगों के दर्शन के लिए ही निकास दरवाजे से प्रवेश करने की बात तय हुई है। यात्रियों को दर्शन कराने के लिए प्रवेश द्वार से उनके साथ जाने का नियम बनाया गया है। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र का कहना है कि पुलिस की भूमिका सराहनीय है। दर्शन कराने के लिए पंडा प्रवेश मार्ग से अपने यात्रियों के साथ जाएं।