प्रदर्शन के दौरान लोगों ने खनन अधिकारी पर मनमाने तरीके से कार्य करने का आरोप लगाते हुए वाहन मालिकों का शोषण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में तत्काल खनन अधिकारी का स्थानांतरण करने की मांग की। जिससे वाहन मालिकों का शोषण बंद हो सके।
इस दौरान दिवाकर मिश्रा ने कहा कि खनन अधिकारी जेपी द्विवेदी नियमों को ताक पर रखकर गत दिनों कुछ लोगों को लीज की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद परमिट जारी करा दिया जा रहा है। जिससे लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हुई। मामले की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने इसकी जांच कराने का निर्देश दिया जो अभी तक चल रही है। इसके बावजूद खनन अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। खनन माफिया विभाग की मिलीभगत कर पड़री, चुनार, मड़िहान, अदलहाट, जमालपुर, अहरौरा, विंध्याचल समेत अन्य इलाके में धड़ल्ले से अवैध खनन करा रहे हैं। अध्यक्ष शैलेश दूबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का लोग अनुपालन न करके जिले में बिना रोकटोक के ओवरलोड वाहन चल रहे हैं, जिसको तत्काल बंद किया जाए।
इतना ही नहीं परमिट पर निर्धारित शुल्क के अलावा पैसे की वसूली की जा रही है। वहीं दो हजार रुपये वीआईपी शुल्क के रूप में वसूला जा रहा है। दीपक यादव, राजेंद्र, रमेश, पप्पूू, जगदीश, रमाशंकर, साधू यादव, अवधेश कुमार, मंगल सिंह, सुभाष सिंह, मो. इस्लाम, प्रदीप कुमार, दशरथ आदि मौजूद रहे।