मिर्जापुर। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शासन की विकास प्राथमिकता वाले बिन्दुओ के प्रगति की समीक्षा की। आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत बनाये जा रहे गोल्डन कार्ड मे अपेक्षित प्रगति न आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे ग्राम सभा जिसमे एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बनाये गये हैं। वहॉ पर कैम्प लगाकर गोल्डन कार्ड बनाना सुनिश्चित करें।
आईजीआरएस में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियो को निर्देशित करते हुये कहा कि आईजीआरएस में प्राप्त प्रार्थना पत्रों को अधिकारी गंभीरता से लेते हुये समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करें। किसी विभाग मे डिफाल्टर प्रकरण पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने जल निगम के कार्यो की समीक्षा की और कहा कि जिले के सभी हैंडपंपों की जॉच करते हुये उन्हें ठीक कराएं। अमृत योजना में अपेक्षित प्रगति न आने पर अधिशासी अभियन्ता जल निगम को कड़े निर्देश देते हुये कहा कि योजना के निर्माण मे तेजी लाकर प्रगति लाये। गौ आश्रय स्थलों मे रह रहे शत प्रतिशत पशुओ का ईयर टैंगिंग कराने हेतु मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया। सिंचाई विभाग सिरसी प्रखण्ड की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 12 नहरों में अपर खजुरी जलाशय मे पर्याप्त पानी न होने के कारण टेल तक पानी पहुॅचाया नहीं जा सका। बिजली बिल के भुगतान का सभी विभागों को निर्देश दिया गया। कहा कि जिस परियोजना में बजट प्राप्त नहीं है वे दो दिन के अंदर (जिलाधिकारी स्तर से) पत्र विभाग को भेज कर बजट की मांग कर ले। लघु सिंचाई विभाग के निशुल्क बोरिंग की कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कार्य मे तेजी लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में कौशल विकास, सामूहिक विवाह, प्रधानमंत्री आवास शहरी एवं ग्रामीण, एनआरएलएम, मनरेगा, उद्योग विभगा, ओडीओपी एक जनपद एक उत्पाद, आपूर्ति विभाग, खादी ग्रामोद्योग, आईसीडीएस, चौदहवा वित्त, पार्को का सौदर्यीकरण, स्वास्थ विभाग सहित सभी विभागो के बिंदुवार समीक्षा की गयी तथा कार्य मे तेजी लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, परियोजना निदेशक ऋषि मुनि उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारीअरविन्द कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कैलाश नाथ आदि अधिकारी उपस्थित रहे।