देेश भक्ति की भावना के चलते लोगों ने बाजारों में बिकने वाले चाइनीज सामानों का खुलकर बहिष्कार कर दीपावली मनाया। पाकिस्तानी आतंकवाद का सपोर्ट करने वाले चीन के खिलाफ लोगों ने एकजुट होकर यह दिखा दिया कि देश भक्ति से बड़ी कोई चीज नहीं। इस बार ज्योति पर्व दीपावली पर लोगों ने इंडियन सामानों की जम कर खरीदारी की। उधर दूकानदार, व्यापारियों ने भी चाइनीज सामानों के नए आर्डर नहीं देेकर दरियादिली दिखाई है।
वर्ष 2015 की दीपावली के पूर्व नगरीय इलाके सहित जनपद के ग्रामीण अंचलों के बाजारों में चाइनीज सामानों की धूम थी, लेकिन इस बार गिने-चुुने दूकानों पर ही चाइना के बने सामान दिखाई दिए और वह भी नहीं बिक पाए। जो पहले से ही चाइना के बने झालरों सहित अन्य कई प्रकार के इलेक्ट्रानिक्स आइटम खरीदे थे, अधिकांश लोग वह भी उपयोग में नहीं लाए। उनका मानना है कि देश भक्ति से बड़ी कोई दूसरी बात हो ही नहीं सकती।
नगर के रमईपट्टी निवासी इंटरनेशनल स्कूल आफ बिजनेस एंड मीडिया के प्रेसीडेंट डा. प्रमोद कुमार ने बताया कि अब व्यापारी भी चाइनीज सामानों को लेने में डर रहे हैं, उनका भी मानना है कि अगर चाइना के बने सामनों में रुपये लगा दिए और नहीं बिके तो पूंजी फंस जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चाइना देश पाकिस्तान का सपोर्ट कर रहा है और ग्राहकों के अंदर भावनाएं जुड़ी होती हैं और वह देश की आन,बान,शान के खिलाफ कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते, जिससे देश की हानि हो। नगर के वासलीगंज के दूकानदार मनोज कुमार एवं महुवरिया के दूकानदार राजेश कुमार ने बताया कि दीपावली पर्व पर चाइनीज झालरों सहित अन्य इलेक्ट्रानिक्स आइटमों की बिक्री नहीं हुई, जबकि ग्राहकों को देशी सामान काफी पसंद आए। बताया कि अब बड़े-छोटे व्यापारियों का भी चाइना में बने सामनों के प्रति मोह भंग हो गया है। उनका मानना है कि देश से बड़ा कुछ भी नहीं हो सकता है। अस्पताल तिराहे पर चाइनीज सामान बेचने वाले रोहित ने बताया कि इस बार चाइनीज सामान धरे के धरे रह गए। दूकानों पर पहुंचे लोगों ने इस बार चीन में बने सामानों का जिक्र करना भी उचित नहीं समझा।